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जनà¥à¤® के बाद आमतौर पर शिशॠजलà¥à¤¦à¥€-जलà¥à¤¦à¥€ मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करते हैं। साथ ही उनके मल के रंग में à¤à¥€ दिन-ब-दिन बदलाव देखे जाते हैं। उनके खान-पान और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के कारण à¤à¤¸à¤¾ होना संà¤à¤µ है। साथ ही मल की रंगत, गंध और आकार बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं की ओर à¤à¥€ इशारा करते हैं। इसे अकà¥à¤¸à¤° महिलाà¤à¤‚ समठनहीं पातीं। खासकर वो महिलाà¤à¤‚, जो पहली बार मां बनी हैं। à¤à¤¸à¥‡ में पहली बार मां बनने के बाद अधिकतर महिलाà¤à¤‚ शिशॠके सामानà¥à¤¯ मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— में बदलाव देखकर परेशान हो जाती हैं। इसी बात को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ हम मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मल से जà¥à¥œà¥€ कà¥à¤› जरूरी बातें बता रहे हैं, जिससे आपको बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के सामानà¥à¤¯ और असामानà¥à¤¯ मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— को समà¤à¤¨à¥‡ में मदद मिलेगी।
सामानà¥à¤¯ रूप से बचà¥à¤šà¤¾ दिन में कितनी बार पॉटी (मल तà¥à¤¯à¤¾à¤—) करता है, लेख में पहले इसी बारे में बात करते हैं।
बेबी का दिन में कितनी बार पॉटी करना सामानà¥à¤¯ है?
सामानà¥à¤¯ तौर पर जनà¥à¤® के बाद करीब दो हफà¥à¤¤à¥‡ तक बचà¥à¤šà¤¾ कम मातà¥à¤°à¤¾ में दिन में करीब आठसे दस बार मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— कर सकता है। वहीं, समय के साथ जैसे-जैसे बचà¥à¤šà¥‡ का विकास होता है, हर दिन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उसके मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— की मातà¥à¤°à¤¾ और अंतराल में बदलाव आने लगता है। कहने का मतलब यह है कि उसकी दिन में पॉटी करने की सीमा सीमित होने लगती है। इस बात को हम नीचे दिठगठचारà¥à¤Ÿ की मदद से थोड़ा बेहतर तरीके से समठपाà¤à¤‚गे (1)।
बचà¥à¤šà¥‡ की उमà¥à¤° दिन में कितनी बार मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— (पॉटी)
पहले दो हफà¥à¤¤à¥‡ में करीब 8 से 10 बार
28वें दिन तक करीब 2 से 3 बार
1 से 12 महीने के बीच करीब 1 से 2 बार
13 से 24 महीने तक करीब 1 बार
लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में हम शिशà¥à¤“ं के मल के रंग से मिलने वाले संकेत के बारे में जानने की कोशिश करेंगे।
शिशà¥à¤“ं में मल का रंग कà¥à¤¯à¤¾ संकेत देता है? |
काला : जब नवजात शिशॠजनà¥à¤® के बाद पहली बार मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करता है, तो वह काले रंग का होता है। इस मल को मेकोनियम (Meconium) कहा जाता है। à¤à¤¸à¤¾ होना बिलà¥à¤•à¥à¤² सामानà¥à¤¯ है। वहीं, समय के साथ बचà¥à¤šà¥‡ के मल का रंग धीरे-धीरे बदलने लगता है (2)। इसलिà¤, अगर जनà¥à¤® के चौथे दिन के बाद बचà¥à¤šà¤¾ काला मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करता है, तो यह सामानà¥à¤¯ नहीं है (3)। à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‡ को तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाना चाहिà¤à¥¤
पीला रंग : जनà¥à¤® के चौथे दिन से बचà¥à¤šà¥‡ के मल का रंग पीले रंग का दिखने लगता है। à¤à¤¸à¤¾ होना बिलà¥à¤•à¥à¤² सामानà¥à¤¯ है और यह इस बात को पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करता है कि बचà¥à¤šà¤¾ पूरी तरह से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ है (2)।
चमकीला पीला : जनà¥à¤® के बाद पांचवें दिन से बचà¥à¤šà¥‡ को चमकीला पीला रंग का मल होने लगता है, जो हलà¥à¤•ा पतला होता है। यह à¤à¤• सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है, लेकिन पानी जैसा चटकीला पीला रंग का मल कà¥à¤› मामलों में डायरिया का संकेत हो सकता है (2)। à¤à¤¸à¥‡ में जरा-सा à¤à¥€ संशय होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर संपरà¥à¤• करें।
संतरे के रंग जैसा : अगर बचà¥à¤šà¤¾ संतरे के रंग का पीलापन लिठमल का तà¥à¤¯à¤¾à¤— करता है, तो यह पीलिया का संकेत हो सकता है। इसकी आशंका सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मà¥à¤•ाबले फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अधिक हो सकती है (4)। à¤à¤¸à¤¾ होने पर आपको बिना देर किठबचà¥à¤šà¥‡ को तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाना चाहिà¤à¥¤
लाल : अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡ को लाल रंग का मल हो रहा है, तो यह बिलकà¥à¤² à¤à¥€ सामानà¥à¤¯ नहीं है (3)। मà¥à¤®à¤•िन है कि मल में खून आने की वजह से उसका रंग लाल दिखाई दे रहा हो। यह डिसेंटà¥à¤°à¥€ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का संकेत हो सकता है (5)। à¤à¤¸à¤¾ होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाने में आपको बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ देर नहीं करनी चाहिà¤à¥¤
हरा | : बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के बाद उसका मल पीले के साथ-साथ कà¤à¥€-कà¤à¥€ हरे रंग का à¤à¥€ दिखाई दे सकता है। à¤à¤¸à¤¾ होना सामानà¥à¤¯ है (2)। दरअसल, बचà¥à¤šà¥‡ छह महीने तक दूध के अलावा और कà¥à¤› नहीं खाते-पीते हैं, à¤à¤¸à¥‡ में कà¤à¥€-कà¤à¥€ पानी की कमी होने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में मल का रंग हरा हो सकता है। वहीं, फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• पीने वाले करीब 50 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ हरे रंग का मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करते हैं (6)।
गहरा हरा : गहरे हरे रंग के मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— की बात करें, तो à¤à¤¸à¤¾ मल सामानà¥à¤¯ तौर पर फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• पर निरà¥à¤à¤° करने वाले शिशà¥à¤“ं में देखा जाता है। यह à¤à¥€ à¤à¤• सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है (7)।
सफेद : पाचन संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर शिशॠसफेद रंग का मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— कर सकते हैं। यह à¤à¤• असामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¥€ है। à¤à¤¸à¤¾ होने पर आपको बिना देरी किठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिठ(3)।
गà¥à¤°à¥‡ कलर : शिशà¥à¤“ं के मल का रंग गà¥à¤°à¥‡ होना à¤à¥€ असामानà¥à¤¯ है (8)। यह इस बात का संकेत देता है कि बचà¥à¤šà¥‡ को लिवर, गाल बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° या पेनकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤œ से संबंधित कोई समसà¥à¤¯à¤¾ है (9)। इसलिà¤, à¤à¤¸à¤¾ होने पर आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलने में जरा à¤à¥€ देर नहीं करनी चाहिà¤à¥¤ वहीं, कà¤à¥€-कà¤à¥€ आयरल सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट की वजह से à¤à¥€ शिशिओं का मल गà¥à¤°à¥‡ रंग का हो सकता है।
शिशà¥à¤“ं के मल में रंगों की à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ को अचà¥à¤›à¥‡ से जानने के बाद अब हम शिशà¥à¤“ं में मल की बनावट और सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ से जà¥à¥œà¥€ जानकारी देंगे।
शिशà¥à¤“ं में मल की बनावट और सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾
नवजात शिशॠका मल कैसा होगा? |
लेख के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में बताया गया है कि नवजात शिशॠका पहला मल काले रंग का होता है, जो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° धीरे-धीरे हलà¥à¤•ा होने लगता है। वहीं, जनà¥à¤® के चौथे दिन के बाद से बचà¥à¤šà¥‡ का मल पीला या हरे रंग का दिखने लग सकता है (2)।
अगर आप सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराती हैं, तो आपके बचà¥à¤šà¥‡ का मल कैसा होगा?
अगर आप बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराती हैं, तो बचà¥à¤šà¥‡ का मल पीला, गहरा à¤à¥‚रा और गहरे हरे रंग का हो सकता है। यह सामानà¥à¤¯ अवसà¥à¤¥à¤¾ है, जो समय के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पाचन शकà¥à¤¤à¤¿ के विकसित होने के तौर पर मल की रंगत में बदलाव के रूप में दिखाई देती है (7)।
अगर आप फॉरà¥à¤®à¥‚ला फीडिंग कराती हैं, तो आपके बचà¥à¤šà¥‡ का मल कैसा होगा?
अगर आप बचà¥à¤šà¥‡ को फॉरà¥à¤®à¥‚ला फीडिंग कराती हैं, तो सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मà¥à¤•ाबले उसका मल अधिक पीला, à¤à¥‚रा और हरे रंग का नजर आ सकता है। साथ ही सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मà¥à¤•ाबले थोड़ा ठोस अवसà¥à¤¥à¤¾ में नजर आ सकता है (7)।
अगर शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छोड़कर फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पिà¤, तो कà¥à¤¯à¤¾ उसके मल में बदलाव होगा?
जैसा कि लेख में ऊपर बताया गया है कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशà¥à¤“ं की अपेकà¥à¤·à¤¾ फॉरà¥à¤®à¥‚ला फीडिंग करने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मल का रंग (पीला, हरा, à¤à¥‚रा) अधिक गहरा और थोड़ा ठोस हो सकता है (7)। इस कारण यह कहा जा सकता है कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छोड़कर फॉरà¥à¤®à¥‚ला फीडिंग करने वाले शिशà¥à¤“ं में ये अंतर सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• तौर पर देखे जा सकते हैं। वहीं, कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को फाॅरà¥à¤®à¥‚ला दूध की वजह से कबà¥à¤œ की शिकायत à¤à¥€ हो सकती है।
ठोस पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के आहार के बाद बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का मल
बता दें कि फॉरà¥à¤®à¥‚ला फीडिंग की तरह ही ठोस आहार लेने के बाद बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का मल à¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मà¥à¤•ाबले गहरा पीला, à¤à¥‚रा व हरे रंग का और ठोस हो सकता है (7) (10)। वहीं, ठोस आहार लेने वाले बचà¥à¤šà¥‡ शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में अधिक फाइबर को पचा नहीं पाते, इसलिठउनके मल में खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के कà¥à¤› अंश देखने को मिल सकते हैं।
लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में अब हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के असामानà¥à¤¯ मल के बारे में जानकारी हासिल करेंगे।
किस तरह का मल सामानà¥à¤¯ नहीं है?
बचà¥à¤šà¥‡ का मल सामानà¥à¤¯ है या असामानà¥à¤¯, इस बारे में हम ऊपर रंग के आधार पर विसà¥à¤¤à¤¾à¤° में बता चà¥à¤•े हैं। आइà¤, यहां हम इस बारे में थोड़ा और विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जान लेते हैं।
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